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गले की खराश से तुरंत चाहिए राहत तो अपनाए ये घरेलू नुस्खे

                         source:freepic.com अक्सर सर्दी के मौसम में हमें ये देखने को आता है इसी मौसम में गले की खराश अक्सर देखने की मिलती है।अगर किसी को गले में खराश होती है तो उसे खाने पीने में बहुत दिक्कत होती है ।गले की खराश का कारण स्ट्रिप्टोकोकास नामक एक बैक्टीरिया होता है जो हमारे गले में पनपता है।अगर हमें गले में खराश होती है तब हमें गले में खुरदुरापन जैसा महसूस होता है ।अगर हम इसे हल्के में लेते है और इसका इलाज नहीं करवाते है तो ये गले से सम्बन्धी बीमारियों को न्योता दे सकता है जिससे हो सकती है गले में टानसिल का बढ जाना,साइन साइटिस,ब्रोंकाइटिस आदि।गले में खराश होने पर हम घरेलू उपचार से भी इससे राहत पा सकते है । हार्ट अटैक से केसे बचे दांतो को मजबूत बनाने के लिए क्लिक करे गले में खराश के घरेलू नुस्खे: सेब का सिरका:  सेब के सिरके  में  एंटीबैक्टीरियल,एंटीऑक्सिडेंट्स,एंटीफंगल,आंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते है जो हमारे गले में बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है।इसमें हमें एक कप गर्म पानी में एक चम्म...

हृदय रोग , लक्षण और इसके उपचार (heart attack or its symptoms)

                                                                 source : shutterstock.com बदलते लाइफस्टाइल  साथ  साथ आजकल का खान  पान में काफी बदलाव आता जा रहा है ,हर कोई ऐसी चीजों को ज्यादा पसंद करने लगा है जो हमारे शरीर को नुकसान पहुँचाती है।  इसी कारन हर कोई किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त है। इसी तरह गलत खान पान होने की वजह से दिल से जुडी बीमारियों का भी खतरा बना रहता है। ये खतरा ना सिर्फ बड़े बूड़ो को बल्कि ये युवाओ को भी होने लगा है। हार्ट अटैक होना एक बहुत बड़ी समस्या है इसे  हलके मे ना ले ,इसकी वजह से आपकी जान भी जाने का खतरा बना रहता है। लेकिन आपको इसकी पूरी जानकारी होना चाहिए क्युकी बीमारी की जानकारी की कमी होने के कारन जब भी किसी को दिल का दौरा पड़ता है तो हम उसे सँभालने में असमर्थ होते है। आज में ये पोस्ट लाया हु जिससे आपको दिल से सम्बन्धी  पूरी जानकारी हो जाएगी।  vajan kam k...

नीम के औषधीय गुणों के बारे

  नीम के बारे में: नीम  का वृक्ष भारत में सदियों से है।इसमें बहुत से ऐसे गुण है जो आपको बहुत सी बीमारियों से बचाते है। इसके लगभग हर  अंग या पार्ट को हम दवाई के रूप में इस्तेमाल करते है ।ये भारत के साथ साथ अन्य भारत के पड़ोसी  देशों में भी पाया जाता है जैसे पाकिस्तान, म्यांमार,भूटान , बांग्लादेश आदि  इसके साथ साथ अब इसका स्वरूप अन्य द्वीप  आस्ट्रेलिया ,अमेरिका आदि  में देखने को मिलता है। नीम का वानस्पतिक नाम Azadirachta indica hai। इसका नाम संस्कृति भाषा से व्युत्पन्न निंब से पड़ा। तो चलो अब नीम के औषधीय गुणों के बारे में जानते है: नीम की पत्तियों को रोज सुबह खाली पेट खाने से मुंह के विकार दूर होते है जैसे मुंह से बदबू ,मसूड़े सम्बन्धी विकार दूर हो जाते है। नीम की निंबोली या बीज को पीसकर उसका चूर्ण बना ले और रोज उसे खाली पेट गुनगुने पानी से लेने से बवासीर में राहत मिलती है। नीम की छाल के चूर्ण से बहुत से चर्म रोग सम्बन्धी विकार से राहत मिलती है नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उससे बाल धोने से बाल मजबूत होते है । नीम की पत्तियां और छाल को पानी में उबालक...

वजन कम करने के घरेलू नुस्खे ( weight loss home remedies)

                                  image source: pixabay  हैलो आज हम जानेंगे कुछ मजेदार नुस्खों के बारे में जो आपके लिए बहुत फायदेमंद होगा।फिट होना ही आजकल की दुनिया में ट्रेंड है क्युकी जो लोग ज्यादा पतले हो या ज्यादा पतले हो उन्हें लोग ज्यादा पसंद नहीं करते उन्हें सिर्फ मजाक के रूप में इस्तेमाल किए जाते है।फिट लोगो के बीच में अगर कोई एक मोटा व्यक्ति हो तो वो खुद ही अपने आप को कन्फर्ट महसूस नहीं करेगा और इसी तरह वो अपने आप को अकेला महसूस करने लगेगा।मोटापा होने के कारण वो बहुत बार लड़कियों के द्वारा रिजेक्ट किए जाते है।जिस तरह ज्यादा पतले होना बीमारी का कारण बनता है उसी तरह ज्यादा मोटा होना भी बीमारी का कारण बन सकता है इसलिए खुद को फिट और तंदरुस्त रखना चाहिए ।आज में आपके लिए इसीलिए लाया हूं कुछ नुस्खे जो आपके वजन घटाने में काफी मदद करेगा ।लेकिन उससे पहले हम इसके कारणों को जानेंगे की ये मोटापा होता किस कारण से है और हमें किन चीज़ों को नहीं करना चाहिए ताकि हम फिट बने रहे। मोटापा होने का कारण...

यूरिन की जलन को करना है दूर तो अपनाए ये घरेलू नुस्खे(urine me jalan ka gharelu nuskha)

                      हैलो दोस्तो आज हम जानेंगे यूरिन से संबंधित कुछ बाते जो आपके लिए बहुत फायदमंद हो सकती है ।आजकल हम देखते है की बहुत से लोगो और महिलाओं को भी यूरिन से सम्बन्धी समस्या होती है जिनमे यूरिन अथवा पेशाब करते वक्त हमें जलन या दर्द का होना ।इस तरह की समय पहले तो हमें कम तकलीफ देती है लेकिन अगर इसका सही समय पर उपचार नहीं किया जाए तो ये तकलीफ बढ़ती जाती है और इससे हमें यूरिन इंफेक्शन भी हो सकता है।इसलिए हमेशा ज्यादा तकलीफ होने पर हमें इसका इलाज करवाना चाहिए।आज में इसीलिए आपके लिए कुछ घरेलू उपाय लेके आया हूं जिससे आपकी इस समस्या से काफी आराम मिलेगा । यूरिन की जलन और दर्द को केसे पहचाने:  यूरिन करते समय या उसके बाद में पेट में दर्द होना  इसके कारण बुखार भी आ जाता है दिन हो या रात में पेशाब अधिक होना उल्टी होना  दस्त लग जाना पेट के साथ पीठ में भी दर्द होना जांघ के अंदरूनी भाग में दर्द होना पेशाब के टाइम अत्यधिक बदबू  वाला मूत्र आना सूजन आना इसके होने के कारण : अगर हमें पेशाब आ रहा ह...

वजन बढ़ाने के लिए घरेलु नुस्खे (vajan badane ke aasan gharelu upay )

इस दुनिया में तीन तरह के लोग  कुछ मोटापे से परेशान है तो कुछ  दुबलेपन से ,सिर्फ कुछ लोग ही ऐसे है जो फिट होते है। लेकिन आजकल के इस खान पान से ये फिट वाली संख्या कम होती जा रही है क्युकी लोग खाने पिने के तो बड़े शौकीन होते है लेकिन उस खाने को सही से पचाना नहीं समझते ना ये लोग कोई फिजिकल एक्सरसाइज करते है ना ही कोई व्यायाम। शरीर जब मोटापे से ग्रस्त होता है तो बहुत सी बीमारियों को न्योता भी देता है उसी तरह दुबला शरीर होना भी शरीर के लिए काफी परेशानी का विषय है। दुबलेपन होने से हमें बहुत शर्मिंदगी ,अकेलापन जैसा महसूस होता है। अगर हमारा शरीर दुबला पतला है तो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती जाती है और हम बीमारियों से घिरते  जाते है। लेकिन में आज कुछ नुस्खे बताऊंगा जिनसे आप अपने शरीर को काफी मजबूत और फिट महसूस करने लग जाओगे।  शरीर के दुबलेपन होने के कारण : पर्याप्त भोजन ना करने के कारण शरीर में पोषण की कमी  तनाव  किसी चीज की चिंता होने के कारण भी हमारा शरीर नहीं बढ़ता  भोजन करने के बाद भी उसका सही पोषण नहीं मिलना  अन्य कोई शरी...

तुसली के 19 चमत्कारी फायदे जो आपको बचाएंगे बीमारियों से (Tulsi ke fayde)

सनातन धर्म में तुलसी के पौधे का बहुत अधिक महत्व है ये लगभग हर घर में देखने को मिलता है। तुलसी को हिन्दू धर्म में माता का दर्जा दिया गया है और इसकी पूजा की जाती है। तुलसी का पौधा जितना पवित्र होता है ये उतना है गुणकारी भी होता है ये हमें बहुत सी बीमारियों से बचाता है। तुलसी के हर भाग को हम उपयोग में लेते है ये एक अच्छा एंटीऑक्सीडेंट है। इसका वानस्पतिक नाम ओसीमम सैंक्टम लींन होता है। इसका हर भाग जैसे इसकी पत्तिया,इसका तेल ,जड़ और बीज  हम दवाइयों में उपयोग लेते है इसलिए इसे क्वीन ऑफ़ हर्ब्स कहा जाता है। तुलसी में विटामिन ,खनिज और एंटीइंफ्लामेंटरी तत्व  भरपूर मात्रा में मौजूद होता है। हल्दी के ओषधिय गुण जानने के लिए यहाँ क्लिक करे  तुलसी के उपयोग : तुलसी को हम सर्दी जुकाम में इस्तेमाल करते है। हम इसकी पत्तिया चबाकर खा सकते है या फिर इसके पत्तो का काढ़ा बना कर हम सर्दी और जुकाम से राहत पा सकते है।  तुलसी से हमारी रोग प्रतिरोधक श्रमता बढ़ती है क्युकी ये एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होती है। इससे हमारे दिमाग की कार्यक्षमता  भी बढ़ती है और यादाश्त  भी बढ़ती है...