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नीम के औषधीय गुणों के बारे

 

नीम के बारे में:

नीम  का वृक्ष भारत में सदियों से है।इसमें बहुत से ऐसे गुण है जो आपको बहुत सी बीमारियों से बचाते है। इसके लगभग हर  अंग या पार्ट को हम दवाई के रूप में इस्तेमाल करते है ।ये भारत के साथ साथ अन्य भारत के पड़ोसी  देशों में भी पाया जाता है जैसे पाकिस्तान, म्यांमार,भूटान , बांग्लादेश आदि  इसके साथ साथ अब इसका स्वरूप अन्य द्वीप  आस्ट्रेलिया ,अमेरिका आदि  में देखने को मिलता है।


नीम का वानस्पतिक नाम Azadirachta indica hai।
इसका नाम संस्कृति भाषा से व्युत्पन्न निंब से पड़ा।

तो चलो अब नीम के औषधीय गुणों के बारे में जानते है:

  • नीम की पत्तियों को रोज सुबह खाली पेट खाने से मुंह के विकार दूर होते है जैसे मुंह से बदबू ,मसूड़े सम्बन्धी विकार दूर हो जाते है।
  • नीम की निंबोली या बीज को पीसकर उसका चूर्ण बना ले और रोज उसे खाली पेट गुनगुने पानी से लेने से बवासीर में राहत मिलती है।
  • नीम की छाल के चूर्ण से बहुत से चर्म रोग सम्बन्धी विकार से राहत मिलती है
  • नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उससे बाल धोने से बाल मजबूत होते है ।
  • नीम की पत्तियां और छाल को पानी में उबालकर उसमें नहाने से चर्म रोग खत्म होता है और ये चेचक संबंधी विकार में विषाणु  को फैलने नहीं देता।
  • नीम और पानी से गाड़ा पेस्ट बनाएं और उसे आंखो के नीचे आसपास लगाने से आंख के नीचे बने काले  डब्बे दूर होते है (डार्क सर्कल)।
  • नीम की डाल से दातुन करने से दांत मजबूत रहते है और पायरिया सम्बन्धी विकार भी दूर हो जाता है।
  • नीम की पत्ती या उसकी  निंबोली से बने तेल को शरीर पर लगाना शरीर के लिए अच्छा माना जाता है।
  • नीम खाने से रक्त का  शुद्धिकरण भी होता है ये रक्त को साफ करता है।
  • नीम की पत्तियों  को अच्छे से उबले और जब तक कि उसका रंग हरा नहीं हो जाता अब इस पानी को एक बोतल में भर ले अब इस पानी से रोज मुंह धोए ऐसा करने से मुंहासे दूर होते है।
  • नीम के साथ चंदन और हल्दी का पेस्ट चेहरे पर लगाने से चेहरा मुलायम रहता है ।
  • नीम की पत्तियों को उबलने के बाद ठंडा होने दे अब इस पानी से आंखें धोने से आंखे जलन करना बंद हो जाएगी और ठंडी रहेगी।
  • नीम की पत्तियां खाने से  पाचन शक्ति भी सही बनी रहती है
  • नीम की छाल को घाव पर लगाने से घाव भर जाता है लेकिन ये आप डाक्टर की सलाह के बाद ही करे ।

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