Skip to main content

दांत दर्द का घरेलू नुस्खा

दांत दर्द आजकल बहुत से लोगो को देखने को मिलता है ये सामान्य भी होता है जिसे ठंडा या ज्यादा गर्म खाने से या फिर अगर आपके मसूड़े से खून आता हो तो ये पायरिया भी हो सकता है।




दांत का दर्द होना बहुत ही असहनीय होता है इसके कारण हम ना ही सही से खा पाते है और ना ही जबड़ा हिला डुला सकते है ।अगर आपको दांत में  सड़न होने के कारण गैप हुई है और डाक्टर ने मसाला या पेस्ट से गैपिंग बंद करने का बोला है तो आप फिर वही कीजिए क्युकी उससे आपका दांत मजबूत रहेंगे।लेकिन आपको दांत दर्द हो रहे या खून आ रहा है तो आप हमारे नुस्खे भी इस्तेमाल कर सकते है इससे आपको बहुत आराम होगा।

 तो चलिए आपका ज्यादा समय बर्बाद ना किए बगैर हम घरेलू नुस्खों के बारे में जानते है:

 फिटकरी:



फिटकरी आमतौर पर सभी घरों में मिल जाती है ये  नुस्खा बहुत कम खर्च में हो जाएगा क्युकी फिटकरी का एक टुकड़ा आपको बहुत समय तक चलेगा।तो चलो अब इसको केसे इस्तेमाल करेंगे हमें एक ग्लास में १/४  ग्लास के हिस्से का पानी लेना है उसमे हमें एक टी स्पून फिटकरी मिलाना है या फिर आप फिटकरी के टुकड़े को पानी  में डालना है और उसे २०-२५  सेकंड तक चम्मच से मिलाना है ।ऐसा करने से पानी का रंग सफेद होने लगेगा । अब इस पानी को आप दिन में तीन बार कुल्ला करना है ऐसा आपको २ से३ दिन तक करना है आपका दर्द बिल्कुल चला जाएगा और आपके दांत भी मजबूत होंगे ।
एक बात का ध्यान रखना है कुल्ला करने के बाद आपको पानी नहीं पीना है वहीं फिटकरी वाला पानी से कुल्ला करने के बाद इसे है रखे।

नीम या नीम की डाल:



नीम भी बहुत अच्छा नुस्खा है इससे आप दो तरह से उसे से इस्तेमाल कर सकते  है
अगर आपको मसूड़ों से खून आता है तो आप नीम की डाल से एक डंडी तोड़के उससे दांतो को ब्रश करे ऐसा आपको थोड़े दिनों तक करना है जब तक आपके मसूड़ों से खून आना बंद ना हो जाता ऐसा करने से आपकी पायरिया की दिक्कत समाप्त हो जाएगी क्युकी दांत से खून आना पायरिया हो सकता है । पायरिया  में आपका मुंह  खट्टा खट्टा सा लगता है और खून भी आता है।
दूसरा उपाय ये है कि आप नीम की पत्तियां चबाए  इससे भी दांत के मसूड़ों में कीड़े मर जाते है और आपको आराम मिलता है।

सरसो तेल और नमक



दांत के दर्द में आपको सरसो भी बहुत कामगार सिद्ध होगी। इसमें आपको सरसो के तेल में नमक मिला कर रुई से जहा दर्द हो रहा वहा लगाने से  आराम मिलता है 

लौंग:



जी हा लौंग भी आपके मसूड़ों के दर्द या दांत दर्द  में मदद करता है। अगर आपको दर्द हो रहा है तो आपको  एक लौंग को मुंह में रख लेना है ऐसा करने से आपका दर्द बिल्कुल चला जाएगा।

लहसुन:


इस नुस्खे से आप दर्द से राहत पा सकतेहै इसमें आपको लहसुन की काली या पेस्ट को नमक के साथ खाने से या दर्द वाली जगह पर लगाने से दर्द में राहत मिलती है।

प्याज :



डाक्टर के हिसाब से प्याज खाना बहुत ही अच्छा है ये मुंह के कीटाणु की मारता है ।प्याज की परतों को खाने से दांत दर्द में राहत मिलती है।

कान के दर्द के लिए घरेलू नुस्खा





Comments

Popular posts from this blog

गले में खराश,कारण,लक्षण,उपचार (sore throat )

गले में खराश अक्सर मौसम के बदलने से होता है,जो अक्सर कुछ दिनों में अपने आप ख़त्म हो जाती है। अगर आपको गले में खराश के साथ सर्दी बुखार और साँस लेने में तकलीफ हो तो आप तुरंत आपको कोरोना का टेस्ट करवा लेना चाहिए ,क्युकी इस कोरोना के माहौल में हमें सतर्क रहना भी जरुरी है।  अगर आप को ये लक्षण नहीं है और सिर्फ आम गले की खरश है तो आपको टेंशन लेने की जरुरत नहीं है आप इन्हे  कुछ घरेलु नुस्खों की मदद से भी ठीक कर सकते है। गले की खराश  गले की खराश (sore throat) क्या है ? गले में खराश के लक्षण : गले में खराश  के कारण गले में खराश होने पर करे ये उपाय गले की खराश (sore throat) क्या है ? जब हमें हमारे गले में कुछ खाते समय ,पानी पिते समय होने वाले दर्द या खासी के साथ गले में  अजीब सा लगने को ही हम गले की खराश कहते है।  गले का खराश आमतौर पर गर्म पानी से गरारे करने से या गर्म पानी  से खतम की जा सकती है। लेकिन बहुत से लोगो को ये करने के बाद भी दर्द बना  रहता है ,ऐसे में हम कुछ घरेलु नुस्खों का इस्तेमाल करके हम इससे बिलकुल आराम पा सकते है।  style="text-align: le...

कब्ज (constipation )

हेलो दोस्तों आज हम जानेंगे कब्ज के बारे में, ये एक बहुत ही बड़ी समस्या बन सकती है अगर इसका सही से इलाज नहीं किया जाएगा। कब्ज या कब्ज मतलब मल का शरीर से निकलने में परेशानी या रुक रुक कर आना। इसको हम अच्छे से समझेंगे।    sore throat ke liye yaha click kare gale me kharash ke liye yaha click kare कब्ज (constipation) क्या है: कब्ज आंतो के परिवर्तन की वह स्तिथि जिसमें शरीर से मल का त्याग सामान्य से कम हो जाता है। कब्ज के समय हम जो भी भोजन करते हैं उसकी पाचन सही से नहीं हो पाता है और इस कारण से मल को त्यागने में समस्या उत्पन्न होती है।] कब्ज या कब्ज के समय मल कड़ा हो जाता है जिस कारण से इसे त्यागने में बहुत ताकत या जोर लगाना पड़ता है। ऐसा करने से हमारे पेट में दर्द होता है और कब्ज के समय हमें उलटी या जी मचलाने लगता है।  आयुर्वेद के अनुसार, शरीर का संतुलन  वात, पित्त, कफ  दोषों पर निर्भर करता है। इनमें हुई असंतुलन के कारण शरीर रोगों से घिर जाता है। खान-पान और जीवनशैली में लापरवाही के कारण जब जठराग्नि मन्द हो जाती है, और आहार सही समय पर ठीक प्रकार से नहीं पचता है। ...

मेडिटेशन केसे करते है meditation kese karte hai

मेडिटेशन या ध्यान केसे करते है meditation kese kare मेडिटेशन वो क्रिया है जिसके द्वारा हम अपने मन के विचारो और भावो को खतम करके एक ऐसी मुद्रा या स्तिथि में पहुंच जाते है जहां संसार के समस्त विचारो से परे हो जाना और ज्ञान के सागर में डूब जाना ,कहा कोई भी परेशानी ओर दुख या किसी तनाव ना रहे ।इसमें हम अपनी इन्द्रियों को काबू करना सीखते है जिससे हम उसे फालतू चीज़ों में भटकने से रोक कर अपने जीवन में सकारात्मक विचारों को उत्पन्न कर सके और नकारात्मक भाव को खत्म कर सके। अब मेडिटेशन को करने के लिए हमें सुबह का समय चुनना चाहिए क्युकी सुबह के समय हमारे आसपास का वातावण शुद्ध होता है और शांतीपूर्ण वातावरण होता है जिससे हमें ध्यान लगाने में मदद मिलती है।सुबह के समय हमें वायु भी शुद्ध मिलती है। दूसरी बात हमें ध्यान के लिए स्थान का चयन बहुत अच्छे से करना है जहां भीड़ भाड ना हो।हमें एक शांत वातावरण वाला स्थान को चुनना है। तीसरी और महत्पूर्ण बात हमें ध्यान लगाते समय केसे बैठना या केसे ध्यान लगाना है।ये बाते हम ध्यान के प्रकार में अच्छे से समझेंगे। मेडिटेशन के बहुत से प्रकार होते है लेकिन सभी का सिर्फ एक ...