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कब्ज (constipation )

हेलो दोस्तों आज हम जानेंगे कब्ज के बारे में, ये एक बहुत ही बड़ी समस्या बन सकती है अगर इसका सही से इलाज नहीं किया जाएगा। कब्ज या कब्ज मतलब मल का शरीर से निकलने में परेशानी या रुक रुक कर आना। इसको हम अच्छे से समझेंगे। 


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कब्ज (constipation) क्या है:

कब्ज आंतो के परिवर्तन की वह स्तिथि जिसमें शरीर से मल का त्याग सामान्य से कम हो जाता है। कब्ज के समय हम जो भी भोजन करते हैं उसकी पाचन सही से नहीं हो पाता है और इस कारण से मल को त्यागने में समस्या उत्पन्न होती है।] कब्ज या कब्ज के समय मल कड़ा हो जाता है जिस कारण से इसे त्यागने में बहुत ताकत या जोर लगाना पड़ता है। ऐसा करने से हमारे पेट में दर्द होता है और कब्ज के समय हमें उलटी या जी मचलाने लगता है। 
आयुर्वेद के अनुसार, शरीर का संतुलन  वात, पित्त, कफ  दोषों पर निर्भर करता है। इनमें हुई असंतुलन के कारण शरीर रोगों से घिर जाता है। खान-पान और जीवनशैली में लापरवाही के कारण जब जठराग्नि मन्द हो जाती है, और आहार सही समय पर ठीक प्रकार से नहीं पचता है। इससे शरीर के दोष असंतुलित और दूषित होने वाली रोग उत्पन्न करते हैं। कब्ज में मुख्य तो वात दोष की दुष्टि होती है, जिसके कारण मल सूखा और कठोर हो जाता है। सही समय पर मलत्याग नहीं हो पाता है।

कब्ज के कारण (constipation ke karan):

कब्ज के होंने के बहुत से कारण हो सकता है। हम इन कारणों को समझते हैं 

  • शरीर में पानी की कमी होने पर भी हमें कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ता है, इसलिए हमें रोजाना पानी पिने में कंजूसी नहीं होना चाहिए। 
  • अतिटक खोज गला खाना खाने या खाने में ज्यादा मसालों का उपयोग करने पर भी हमें कब्ज होने का डर रहता है 
  • ज्यादा मात्रा में दूध से बने उत्पाद का उपयोग नहीं करना चाहिए जैसे दूध, मक्खन, दही, पनीर या अन्य कोई पदार्थ, क्युकी इनको पचाने में काफी समस्या होती है। 
  • भोजन में रेशेदार पदार्थ की कमी 
  • समय से भोजन न करना, हमें भोजन के लिए एक निश्चित समय बना कर रोजाना उसी समय भोजन करना चाहिए 
  • भोजन के पचने के पहले ही भोजन करने से  
  • ज्यादा दवाई का इस्तेमाल करने से भी कब्ज की समस्या आ जाती है 
  • ज्यादा देर तक एक ही जगह पर बैठे रहने से
  • मेंबोलिज्म का असंतुलन

कब्ज के लक्षण (kabj ya constipation ke lakshan):

  • मल का बार बार आना एक बार में सही से मल त्याग नहीं होना चाहिए। 
  • मल के समय ज्यादा जोर लगाना क्युकी कब्ज के समय मल का कड़ा हो जाना 
  • पेट में दर्द रहना 
  • उलटी या जी मचलाना
  • सिरदर्द होना 
  • मुहासे या पिम्पल्स का हो जाना 
  • मुँह में छाले का हो जाना भी कब्ज के कारण ही होता है 

कब्ज को दूर करने के घरेलु नुस्खे (कब्ज के लिए grelrelu nuskhe):

  • अजवाइन और जीरे को अच्छे से सेख कर उसे गर्म पानी के साथ लेने से आपके कब्ज की समस्या ठीक हो जाएगी क्युकी आपके भोजन का पाचन सही से हो जाएगा और आपके मल कर त्याग में भी कोई समस्या नहीं आएगी
  • अंगूर भी आपके पाचन में सहायक है क्युकी इसमें फायबर होता है जो आपके मल को त्यागने के मदद करता है। इसमें आप दैनिक रूप से अंगूर का जूस या फिर रोजाना अंगूर का सेवन करे।
  • कब्ज से बचने का एक आसान सा रास्ता है कि आप फाइबर युक्त आहार ज्यादा करते या प्रतिदिन अपने भोजन में कुछ मात्रा में फाइबर युक्त भोजन के जेस चावल ,आलू, मटर,कद्दू आदि
  • अंजीर भी एक बहुत अच्छा पदार्थ  है जो आपको अपने भोजन में लेना चाहिए क्युकी इसमें भी बहुत ज्यादा मात्रा में फाइबर होता है ।
  • एक गिलास पानी में एक चम्मच मुलेठी का चूर्ण और एक चम्मच गुड़ मिलाकर सेवन करें। यह कब्ज की समस्या को ठीक करने में मदद करता है।
  • शहद का उपयोग कब्ज को दूर करने में आपकी मदद कर सकता है क्योंकि शहद में लैक्सटिव का गुण पाया जाता है जो की कब्ज की समस्या को दूर करने में सहायक होता है।
  • कब्ज वाले लोगो को पालक का सेवन भी ज्यादा मात्रा में करना चाहिए ।

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